ज़हीफ़ी इस लिए मुझ को सुहानी लग रही है इसे कमाने में पूरी जवानी लग रही है नतीजा ये है कि बरसों तलाश-ए-ज़ात के बा'द वहाँ खड़ा हूँ जहाँ रेत पानी लग रही है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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मंज़र बना हुआ हूँ नज़ारे के साथ मैं कितनी नज़र मिलाऊँ सितारे के साथ मैं दरिया से एक घूँट उठाने के वास्ते भागा हूँ कितनी दूर किनारे के साथ मैं
Khalid Sajjad
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ज़ब्त का ऐसे इम्तिहान न ले ऐ मेरी जान मेरी जान न ले
Khalid Sajjad
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अलमास धरे रह जाते हैं बिकता है तो पत्थर बिकता है अजनास नहीं इस दुनिया में इंसाँ का मुक़द्दर बिकता है 'खालिद सज्जाद' सुनार हूँ मैं इस ग़म को ख़ूब समझता हूँ जब बेटा छुप कर रोता है तब माँ का ज़ेवर बिकता है
Khalid Sajjad
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