ज़मीं से आसमाँ तक नूर तेरा ही नज़र आया तुझे जब चाँद ने देखा ज़मीं पर वो उतर आया खिले हैं फूल के जैसे दर-ओ-दीवार सब घर के ख़ुशी है रौनक़ें हैं आज मेरा यार घर आया
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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रख के हर चीज़ भूलने वाली ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ
Kumar Vishwas
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फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ रास्ते की मुश्किलें तो जान लूँ आता होगा उस का ठुकराया हुआ
Balmohan Pandey
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क्यूँ लिखूँ ज़ुल्फ़-ओ-लब-ओ-रुख़सार पे नग़्में बहुत प्यार की पहली नज़र रुस्वाइयाँ ही क्यूँ लिखूँ
nakul kumar
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चॉकलेट खाकर समझ आया मुझे ये देर में स्वाद अच्छा है तिरे होंठों से अच्छा कुछ नहीं
Prashant Arahat
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लड़की एक मिली है मुझ को देख जिसे सब लोग कहें जिस के पीछे तुम पागल थे उस सेे दुगुनी अच्छी है
Prashant Arahat
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अगर शिकवा करे आ कर कभी हम से मुहब्बत में रहें बेफ़िक्र हम उस सेे हमें फिर क्या परेशानी
Prashant Arahat
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नहीं कोई अगर तो हम मिलेंगे ज़रूरत में तुम्हें हरदम मिलेंगे मिलेंगे सैकड़ों ही लोग लेकिन मगर मेरी तरह के कम मिलेंगे
Prashant Arahat
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सितम ये है हमें वो आज आवारा समझते हैं जिन्हें हम आज भी सच में बहुत प्यारा समझते हैं हमारे दिल के सागर में कभी तुम डूबकर देखो इसे तो बे–वजह ही लोग बस ख़ारा समझते हैं
Prashant Arahat
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