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Shayari of Ameer Qazalbash

Shayari of Ameer Qazalbash ek clean reading flow me, writer aur full-detail links ke saath.

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Series se pehle kuch standout sher padhein.

उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़ हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा

मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा

तुम राह में चुप-चाप खड़े हो तो गए हो किस किस को बताओगे कि घर क्यूँ नहीं जाते

इक परिंदा अभी उड़ान में है तीर हर शख़्स की कमान में है

आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह

सुना है अब भी मिरे हाथ की लकीरों में नजूमियों को मुक़द्दर दिखाई देता है

मुझ से बच बच के चली है दुनिया मेरे नज़दीक ख़ुदा हो जैसे

ज़िंदगी और हैं कितने तिरे चेहरे ये बता तुझ से इक उम्र की हालाँकि शनासाई है

क्या गुज़रती है मिरे बाद उस पर आज मैं उस से बिछड़ कर देखूँ

मैं ने क्यूँ तर्क-ए-तअल्लुक़ की जसारत की है तुम अगर ग़ौर करोगे तो पशीमाँ होगे

मिरे घर में तो कोई भी नहीं है ख़ुदा जाने मैं किस से डर रहा हूँ

न जाने कैसा मसीहा था चाहता क्या था तमाम शहर को बीमार देख कर ख़ुश था

ज़रा बदलूंगा इस बे-मंज़री को फिर उस के बाद मर जाऊँगा मैं भी

मेरे उस के दरमियाँ हाइल कई कोहसार हैं मुझ तक आते-आते बादल तिश्ना-लब हो जाएगा

उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़ हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा

मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा

तुम राह में चुप-चाप खड़े हो तो गए हो किस किस को बताओगे कि घर क्यूँ नहीं जाते

इक परिंदा अभी उड़ान में है तीर हर शख़्स की कमान में है

आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह

सुना है अब भी मिरे हाथ की लकीरों में नजूमियों को मुक़द्दर दिखाई देता है

मुझ से बच बच के चली है दुनिया मेरे नज़दीक ख़ुदा हो जैसे

ज़िंदगी और हैं कितने तिरे चेहरे ये बता तुझ से इक उम्र की हालाँकि शनासाई है

क्या गुज़रती है मिरे बाद उस पर आज मैं उस से बिछड़ कर देखूँ

मैं ने क्यूँ तर्क-ए-तअल्लुक़ की जसारत की है तुम अगर ग़ौर करोगे तो पशीमाँ होगे

मिरे घर में तो कोई भी नहीं है ख़ुदा जाने मैं किस से डर रहा हूँ

न जाने कैसा मसीहा था चाहता क्या था तमाम शहर को बीमार देख कर ख़ुश था

ज़रा बदलूंगा इस बे-मंज़री को फिर उस के बाद मर जाऊँगा मैं भी

मेरे उस के दरमियाँ हाइल कई कोहसार हैं मुझ तक आते-आते बादल तिश्ना-लब हो जाएगा

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Shayari of Ameer Qazalbash FAQs

Ameer Qazalbash Top 20 me kya milega?

Ameer Qazalbash ke selected sher readable cards, internal detail links, aur writer discovery ke saath milenge.

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