बयान करना है मुश्किल वो इतने नाज़ुक हैं कि जैसे होता है इक दिल वो इतने नाज़ुक हैं सँभाल पाते नहीं उस का बोझ भी अक्सर जो ले के आएँ हैं इक तिल वो इतने नाज़ुक हैं
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
More from Talha Lakhnavi
तुझे याद करते करते मैं ये सोचता हूँ अक्सर तेरा हिज्र भी न हो तो मेरे पास और क्या है
Talha Lakhnavi
1 likes
उस ने दे दी है प्यार की क़ीमत अब से मेरी भी बढ़ गई क़ीमत हम न देखें तो कौन देखेगा हम सेे बढ़ती है आप की क़ीमत
Talha Lakhnavi
4 likes
ज़बाँ से अपने न हम कहें कुछ न वो कहें कुछ नज़र समझ ले नज़र की हरकत वो शा'इरी है
Talha Lakhnavi
2 likes
इक तरफ़ हुस्न-ए-तबस्सुम इक तरफ़ हुस्न-ए-हया और उस पर जान लेवा आप की अँगड़ाई है
Talha Lakhnavi
0 likes
तेरी हर अदा है दिलकश तेरा हुस्न दिलरुबा है तुझे जब से मैं ने देखा मुझे इश्क़ हो गया है
Talha Lakhnavi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Talha Lakhnavi.
Similar Moods
More moods that pair well with Talha Lakhnavi's sher.







