एक लम्हा भी तेरी दीद नहीं तू रहा मेरा पर मज़ीद नहीं तेरे जाने का ग़म जो है सो है तेरे आने की जो उमीद नहीं
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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चाँद इतरा रहा है घंटों से एक तस्वीर अपनी भेजो तो
Marghoob Inaam Majidi
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हाजमा हो तो तेरे जैसा हो क़स में वादे पचा के बैठी है
Marghoob Inaam Majidi
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देख कर ग़ौर से गुज़र जाना कैसे सीखा है ये हुनर जाना
Marghoob Inaam Majidi
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शायद दुआ में तेरी अब वैसा असर नहीं रहा हूँ साहिब-ए-फ़िराश मैं लेकिन मैं मर नहीं रहा
Marghoob Inaam Majidi
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अब तो हर बात से डर लगता है अपने हालात से डर लगता है रौशनी भाती नहीं आँखों को चाँदनी रात से डर लगता है
Marghoob Inaam Majidi
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