हमें हासिल हैं दुनिया के ख़ज़ाने मगर कुछ फिर भी कम है लौट आओ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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तुझे याद करते करते मैं ये सोचता हूँ अक्सर तेरा हिज्र भी न हो तो मेरे पास और क्या है
Talha Lakhnavi
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कभी सोचा है तुम ने क्या गुज़रती है दिवाने पर के जब तुम ज़ुल्फ़ बिखरा कर निकल आते हो शाने पर
Talha Lakhnavi
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हम सेे जो दूर रहा करते हैं उन को अक्सर दिल की आवाज़ सुनाने को ग़ज़ल कहते है
Talha Lakhnavi
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जो अपने लफ़्ज़ों से हिज्र तोड़े मोहब्बतों में दिलाए फिर दो दिलों को राहत वो शा'इरी है
Talha Lakhnavi
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इक तरफ़ हुस्न-ए-तबस्सुम इक तरफ़ हुस्न-ए-हया और उस पर जान लेवा आप की अँगड़ाई है
Talha Lakhnavi
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