खिला कर भंग की गुजिया समा रंगीन कर दो तुम बड़ी मुश्क़िल से तो हो पाया है दीदार होली में
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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तुम सेे मिल कर हम ने जाना दिल तोड़ा भी जा सकता है
Vijay Anand Mahir
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जब देखे मैं ने बेचारे पत्थर आँखों से निकले तब खारे पत्थर
Vijay Anand Mahir
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सब-के-सब तेरे ही तो बंदे हैं इक बराबर दे बांटने वाले
Vijay Anand Mahir
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हाल अपना छुपा नहीं पाते लोग जो मुस्कुरा नहीं पाते घर हमारा जला दिया के हम घर किसी का जला नहीं पाते
Vijay Anand Mahir
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घर ख़ाली है रो सकता हूँ या'नी ख़ुद का हो सकता हूँ अब तुम,मेरा हाथ पकड़ लो मैं दुनिया में खो सकता हूँ
Vijay Anand Mahir
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