नए साल में कुछ नई बात होगी मगर अपनी आँखों में बरसात होगी
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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वो पेड़ यूँँ पत्तों से जुदा रहने लगा है जैसे कोई अपनों से जुदा रहने लगा है पैसों की कमी आए न बच्चों पे कभी भी वो बाप तो बच्चों से जुदा रहने लगा है
salman khan "samar"
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तेरी तस्वीर ही जीने के लिए काफ़ी है इक मुलाक़ात मिरी तुझ सेे अभी बाक़ी है
salman khan "samar"
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ज़िंदगी मुझ को तिरी अब तो ज़रूरत ही नहीं उस की तस्वीर ही जीने के लिए काफ़ी है
salman khan "samar"
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तब्दील हुआ गाँव मिरा शहर में जब से बच्चा भी दरख़्तों से जुदा रहने लगा है
salman khan "samar"
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तेरी हर एक बात को सुनता हूँ जो ख़मोश करता हूँ एहतिराम तिरे हर्फ़-ओ-लफ़्ज़ का
salman khan "samar"
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