सुब्ह माँ के पाँव छू लेता हूँ रोज़ मंदिरों में हाज़िरी होने लगी
Related Sher
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
141 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के, ज़रा नीची नज़र कर के ये कहता हूँ अभी तुम से, मोहब्बत हो गई तुम से
Zubair Ali Tabish
105 likes
More from Saarthi Baidyanath
ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी मैं मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ
Saarthi Baidyanath
0 likes
ज़िंदगी गुदगुदी के जैसी है आप रोने लगोगे हँसते हुए
Saarthi Baidyanath
0 likes
वक़्त के हाथ-पैर बाँध सकूँ ऐसी ज़ंजीर हो तो ले आओ
Saarthi Baidyanath
0 likes
वक़्त सारा सर्कसों में जा रहा है दिन हमारा दफ़्तरों में जा रहा है
Saarthi Baidyanath
0 likes
तुम्हीं बताओ हमें इस में क्या ख़राबी है अजी नवाब हैं हम शौक़ भी नवाबी है
Saarthi Baidyanath
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saarthi Baidyanath.
Similar Moods
More moods that pair well with Saarthi Baidyanath's sher.







