ज़मीं मेरे सज्दे से थर्रा गई मुझे आसमाँ से पुकारा गया
Related Sher
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
180 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
107 likes
More from Siraj Faisal Khan
वो कभी आग़ाज़ कर सकते नहीं ख़ौफ़ लगता है जिन्हें अंजाम से
Siraj Faisal Khan
22 likes
उस के दिल की आग ठंडी पड़ गई मुझ को शोहरत मिल गई इल्ज़ाम से
Siraj Faisal Khan
21 likes
ख़ौफ़ आता है अपने साए से हिज्र के किस मक़ाम पर हूँ मैं
Siraj Faisal Khan
24 likes
इश्क़ मेरी ज़बान से निकला और मैं ख़ानदान से निकला
Siraj Faisal Khan
26 likes
आज मेरी इक ग़ज़ल ने उस के होंटों को छुआ आज पहली बार अपनी शा'इरी अच्छी लगी
Siraj Faisal Khan
27 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Siraj Faisal Khan.
Similar Moods
More moods that pair well with Siraj Faisal Khan's sher.







