चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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धमका के बोसे लूँगा रुख़-ए-रश्क-ए-माह का चंदा वसूल होता है साहब दबाव से
Akbar Allahabadi
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मुद्दतों ब'अद मुयस्सर हुआ माँ का आँचल मुद्दतों ब'अद हमें नींद सुहानी आई
Iqbal Ashhar
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परिंद शाख़ पे तन्हा उदास बैठा है उड़ान भूल गया मुद्दतों की बंदिश में
Khaleel Tanveer
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जब तलक प्यार चंदास होता रहे सूर्य तारों की बाँहों में सोता रहे जब मिलन हो हमारा तो हो इस तरह मेघ बरसा करें प्यार होता रहे
Rakesh Mahadiuree
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किस दर्जा दिल-शिकन थे मोहब्बत के हादसे हम ज़िंदगी में फिर कोई अरमाँ न कर सके
Sahir Ludhianvi
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अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुतरिब अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं
Sahir Ludhianvi
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लो आज हम ने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उमीद लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम
Sahir Ludhianvi
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ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा
Sahir Ludhianvi
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रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब जो भी है आदमी से कमतर है इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने
Sahir Ludhianvi
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