दबाने में लगी है सारी दुनिया मगर फिर भी उभरता जा रहा हूँ
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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ये जहाँ प्यार ही से रौशन है कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता प्यार की एक उम्र होती है प्यार का एक दिन नहीं होता
Wajid Husain Sahil
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जो कह रहे हैं आप वो कर क्यूँँ नहीं जाते जीने से शिकायत है तो मर क्यूँँ नहीं जाते
Wajid Husain Sahil
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ये अश्क-ओ-दर्द ये सब्र-ओ-क़रार खो दूँगा मैं तेरे हिज्र की लज़्ज़त भी यार खो दूँगा रहे ये सब्र सलामत मुझे तो डर ये है मैं तुझ को पा के तेरा इंतिज़ार खो दूँगा
Wajid Husain Sahil
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