इन लरज़ते लबों से क्यूँँ तू ने सुर्ख़ आँखों को फिर छुआ ही नहीं
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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काठ की हाँडी अब न चढ़ेगी ज़ुल्म के चूल्हे पर यारो वक़्त का पहिया घूमेगा मुंसिफ़ भी जेल में जाएगा
Amaan Pathan
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कुछ किताबें हैं बस ताक़ पर और हर तरफ़ बिखरे यादों के साए
Amaan Pathan
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इन ख़ुश्क धड़कनों की शिफ़ा करते करते हम दरिया किनारे दिल ये कई बार रख चुके
Amaan Pathan
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भले ही जान-लेवा हो सियासत को ग़लत कहना मगर फिर भी ये सच ईमान वाले लोग कहते हैं
Amaan Pathan
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जो दुपट्टा है कफ़न पर मेरे यार सुन लो कोई मैला न करे
Amaan Pathan
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