जब मैं बोला तो जीता वो पर वो बोला तो हारा मैं कहना था मुझ को बस तुम सेे, बस इतना,"सिर्फ़ तुम्हारा मैं
Related Sher
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from Divya 'Kumar Sahab'
आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
मैं भरोसे को बचाने पर तुला हूँ वो बहानों पर उतरता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
दूर थे दोनों कहीं पर दोनों थे छत पर खड़े चाँद को छलनी बना कर देखा फिर उस ने मुझे
Divya 'Kumar Sahab'
31 likes
गोद में मेरी तू अपने सिर को रख कर देखना सिर को सहलाते हुए तुझ को सुनाऊँगा ग़ज़ल
Divya 'Kumar Sahab'
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Divya 'Kumar Sahab'.
Similar Moods
More moods that pair well with Divya 'Kumar Sahab''s sher.







