जल्दी किसी पे यार भरोसा न कर अमित रावण छिपे हो सकते हैं राघव की खाल में
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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ये सोचता ख़राब है कहता ख़राब है दावे से कह रहा हूँ ये बंदा ख़राब है
Daqiiq Jabaalii
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ये ज़िन्दगी कुछ इस तरह से पास मेरे आई है अब तो अमित केवल यहाँ तन्हाई ही तन्हाई है
Daqiiq Jabaalii
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मुझ को उस लड़की से मिल कर के हुआ इक फ़ाएदा ये मेरा अंदाज़ यारों शायराना हो गया
Daqiiq Jabaalii
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मैं उसे जानता हूँ अच्छे से मत कहो यार तुम बुरा उस को
Daqiiq Jabaalii
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नमक जराहतों पे मेरे मल गए तुम भी हबीब ग़ैरों के जैसे निकल गए तुम भी
Daqiiq Jabaalii
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