sherKuch Alfaaz

जो राहें थीं ये फूलों सी वाँ पर सारे दलदल निकले तू इतना भी बेबस मत कर इस दिल से फिर हलचल निकले

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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दिल के दरवाज़े भेड़ कर देखो जख़्म सारे उधेड़ कर देखो बंद कमरे में आईने से कभी तुम मेरा जिक्र छेड़ कर देखो

Sandeep Thakur

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तुम्हें पता है मिरे हाथ की लकीरों में तुम्हारे नाम के सारे हुरूफ़ बनते हैं

Fareeha Naqvi

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मन में एक इरादा होता है ताबिश राजा पहले प्यादा होता है ताबिश मानता हूँ मजबूरियाँ थीं कुछ दिक्कत थी पर वा'दा तो वा'दा होता है ताबिश

Vishal Singh Tabish

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इक दूसरे को छोड़ के जाने की बात है अपनी नहीं ये सारे ज़माने की बात है बस यूँँ समझ लो उन सेे मेरा कद बलंद है जिन के लबों पे मुझ को गिराने की बात है

Kashif Sayyed

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