जो तू नहीं तो कुछ नहीं मुझ को मुयस्सर लगता है तू हो अगर तो मुझ को कतरा भी समुंदर लगता है है हाल क्या क्या मैं कहूँ जब से गई हो छोड़कर दिल भी नहीं लगता कहीं घर भी कहाँ घर लगता है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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तुम्हें नाज़ है हुस्न पर तो सुनो तुम मुझे भी जुदाई का अब डर न होता
Shashank Shekhar Pathak
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था इक शख़्स वो जो कि क़ातिल था मेरा मिरे दर्द-ए-दिल की शिफ़ा जानता था
Shashank Shekhar Pathak
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मिलने आए या न आए मेरे ख़्वाबों में तू तेरे तसव्वुर को मैं ख़्वाब बना लेता हूँ तेरे जाने का ग़म तो है मगर इतना नहीं तेरी तस्वीर से अब काम चला लेता हूँ
Shashank Shekhar Pathak
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तेरी अंँगड़ाई के आलम का ख़याल आया जब ज़ेहन-ए-वीरांँ में खनकने लगे कंगन कितने
Shashank Shekhar Pathak
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हवा मेरे अपनों ने दी थी नहीं तो जलाया किसी ने मिरा घर न होता
Shashank Shekhar Pathak
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