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टूटता है जिस्म से साँसों का धागा आइए आख़िरी दीदार मेरा मेरे हमदम कीजिए

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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो

Tehzeeb Hafi

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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने

Zia Mazkoor

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तमाम जिस्म को आँखें बना के राह तको तमाम खेल मुहब्बत में इंतिज़ार का है

Munawwar Rana

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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो

Himanshi babra KATIB

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तुम ने कैसे उस के जिस्म की ख़ुशबू से इनकार किया उस पर पानी फेंक के देखो कच्ची मिट्टी जैसा है

Tehzeeb Hafi

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