वक़्त भी कहाँ रुका किसी के ए'तिराज़ से जो अज़ीज़ थे बदल गए बड़े लिहाज़ से
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किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा
Munawwar Rana
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किसी ने मुफ्त में वो शख़्स पाया जो हर कीमत पे मुझ को चाहिए था
Uzair Hijazi
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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दोस्ती जब किसी से की जाए दुश्मनों की भी राय ली जाए
Rahat Indori
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लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई
Sandeep Thakur
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ज़िन्दगी हमें जब उलझन तमाम देती है मौत चैन का फिर दे इक पयाम देती है
Shivam Mishra
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शख़्स सब हम को अपने ही दिखते रहे बस तभी हम बिना दाम बिकते रहे
Shivam Mishra
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वसिय्यत में मिली है दुश्मनी हम को यहाँ साहब नहीं चर्चे थे कम वर्ना हमारी दोस्ती के भी
Shivam Mishra
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वो मेरा आशियाँ यूँँ सजा के गया जल रही हर शमा' को बुझा के गया
Shivam Mishra
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आशियाँ दिल को तेरे बनाए हैं हम तोड़ कर इस को बेघर है होना नहीं
Shivam Mishra
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