हमें पिंजरे में पर भेजे गए हैं ये तोहफ़े सोच कर भेजे गए हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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बनता तो यही है कि तुझे मुँह न लगाऊँ पर तू मुझे प्यारा भी तो लगता है बराबर
Ruqayyah Maalik
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दिल ने पहले पहल तो उस की कमी तस्लीम की फिर कहीं आँखों ने अपनी बेबसी तस्लीम की तुझ से मिलते ही मुझे पहली मोहब्बत हो गई और मैं ने वो मोहब्बत आख़िरी तस्लीम की
Ruqayyah Maalik
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उसे कहो कि वो खिड़की से झाँक ले इक बार वो दिल में रह नहीं सकता तो फिर नज़र में रहे
Ruqayyah Maalik
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उसे अभी भी मेरे दिल के हाल का नहीं पता तो या'नी उस को अपने घर का रास्ता नहीं पता ये तेरी भूल है ऐ मेरे ख़ुश-ख़याल के मुझे पराई औरतों से तेरा राब्ता नहीं पता
Ruqayyah Maalik
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इक तो वो दिल दुखाता है दिन में हज़ार बार ऊपर से ख़ुश भी रहता है, कितना अजीब है
Ruqayyah Maalik
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